Rajendra Devray / Wed, Oct 22, 2025 / Post views : 41
नालछा नगर में दीपावली पर्व के दूसरे दिन सुहाग पड़वा गोवर्धन पूजा का आयोजन हुआ
गोवर्धन पूजा की मान्यता है दीपावली पर ब्रज में अतिवृष्टि होने पर बाढ़ से बचने के लिए बृजवासियों ने अपने पशु संपदा के साथ सह परिवार गोवर्धन पर्वत के नीचे रहकर जान बचाई थी तब से गोवर्धन पूजा मनाने का प्रचलन है इसी मान्यता के अनुसार नगर के गली मोहल्लों मेंआज
महिलाओं द्वारा प्रातःकाल उठकर स्नान ध्यान कर अपने घरो के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन देवता का प्रतीक चिन्ह बनाया जाकर उसकी महिला समूहों द्वारा भाव भक्ति से
पूजन कर घर परिवार की सुख समृद्धि एवं खुश्याली की कामना की गई मंदिरो में जाकर श्री राम जी के दर्शन किए तत्पश्चात बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त किया
पशु पालकों द्वारा गौ माता एवं अन्य पशुओं को स्नान करवाकर मोर पंखों की माला जिससे/ सोई कहते हैं /रंगीन कपड़े की माला मुछ वडी / घंटियां वाली माला कांडा घुंघरू बांधकर उनके सिंगों को रंगो से रंगा जाकर हार फूलों से श्रृंगार कर उनकी पूजा की गई उनके समक्ष आतिशबाजी की गई है यह परंपरा युगों से चली आ रही है जो आज भी प्रचलित है नगर में पाड़ों की लड़ाई की पूर्व से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए आयोजन किया गया पाड़ों के मालिको के द्वारा पाड़ों को साज सज्जा कर मैदान में लड़ाईं हेतु उतारा जिसका सभी ग्राम वासियों ने दशहरा मैदान में एकत्रित होकर आनंद लिया गया पूर्व विधायक पाची लाल मेडा भी सम्मिलित हुए
दशहरा मैदान पर कांग्रेस द्वारा मंच बनाकर पाड़ा मालिकों का मंच से पूर्व विधायक श्री पाची लाल मेडा द्वारा सभी पड़ा मालिकों का साफा बांधकर स्वागत किया गया मंच पर नालछा नगर के कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे 
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