Rajendra Devray / Fri, Jan 23, 2026 / Post views : 45



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता मोहन गोले , अध्यक्षता आशा कुमरावत (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य), विशेष अतिथि राजेंद्र देवड़े, सचिव (संयोगिता सामाजिक कल्याण समिति) एवं राजेश राठौड़ (विभाग संगठन प्रमुख) उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने सहकार भारती की 48 वर्षों की संगठनात्मक यात्रा, उसके सामाजिक योगदान एवं सहकारिता आंदोलन को सशक्त करने में निभाई गई भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं एवं छोटे उद्यमियों को सस्ती ऋण सुविधा, रोजगार के अवसर, सामूहिक विपणन, उत्पादन लागत में कमी तथा उचित मूल्य जैसे प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होते हैं।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि सहकारिता से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग, मध्यस्थों की भूमिका में कमी तथा सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के कारण पारदर्शिता और विश्वास बढ़ता है। बड़वानी जिले में सहकारिता के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचेगी।
इस अवसर पर माह फरवरी में बहुउद्देशीय सहकारी समिति के पंजीयन की योजना पर भी चर्चा की गई, जिससे जिले के अधिक से अधिक नागरिक सहकारिता से जुड़ सकें। साथ ही भारत शासन एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा सहकारिता को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों, योजनाओं एवं नीतिगत सुधारों पर भी वक्ताओं ने अपने विचार रखे और उनका अधिकतम लाभ आमजन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन आर.आर. प्रिंस ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि सहकार भारती गीत का सस्वर गायन आशा कुमरावत ने कर वातावरण को ऊर्जावान बनाया। समारोह में संगीता लोह, नितिन बद्रीलाल अग्रवाल, कुणाल भावसार, दीपक जेमन, शंकर कुशवाह, भगवती प्रसाद सोनी, नारायण सिंह दासोंधी, जितेंद्र देवजीत, बालकृष्ण सोनगरा, यशवंत सुल्ताने सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सहकारिता के माध्यम से समरस, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज निर्माण के संकल्प के साथ स्थापना दिवस समारोह का समापन हुआ।
उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र केवट द्वारा दी गई।
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