Rajendra Devray / Thu, May 29, 2025 / Post views : 253
*ग्राम मुंडाना बस बसडाना में चल रहे पंचदिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ यज्ञ का पूर्णाहुति के साथ हुआ समापन*
*दिव्य औषधि के साथ 701 कलश द्वारा भगवान भोलेनाथ का महा अभिषेककर अभिजीत मुहूर्त में शिव दरबार की की गई प्राण प्रतिष्ठा*
*भगवान का हुआ नगर भ्रमण, शोभायात्रा में उमडा जन सैलाब, इंद्रदेव ने वर्षा कर किया शिव दरबार का जलाभिषेक*
बगड़ी/
ग्राम मुंडाना में चल रहे पंचदिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री शिव दरबार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन भगवान का नगर भ्रमण हुआ इस दौरान इंद्रदेव ने भी शिव दरबार का वर्षा कर जलाभिषेक किया। इधर 5 दिनों से चल रहे महायज्ञ का पूर्णाहूती के साथ समापन हुआ। दिव्य औषधि के साथ 701 कलश द्वारा भगवान भोलेनाथ का महा अभिषेक किया गया। इसके पश्चात नवनिर्मित मंदिर में शिव दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की गई इसी के साथ गांव का नाम अब मुंडाना शिवनगर के नाम से पहचाना जाएगा। प्रतिमां स्थापना के साथ ही ओम नमः शिवाय जय शिव के जय घोष से पूरा नगर गूंज उठा।
यज्ञ साला में सुबह वैदिक मंत्र उपचार के साथ महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई इसी के साथ क्षेत्र में सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना की गई। यहां से भगवान शिव परिवार का नगर भ्रमण हुआ यहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की इस दौरान जोरदार बारिश शुरू हुई मानो ऐसा लग रहा था कि इंद्रदेव ने भी शिव दरबार का आसमान से बारिश कर जलाभिषेक किया हो।
*ग्राम मुंडाना अब मुंडाना शिवनगर के नाम से जाना जाएगा*
नवनिर्मित मंदिर में शिव दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही गांव के नाम भी परिवर्तित किया गया है अब यह गांव मुंडाना शिवनगर के नाम से जाना जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे ।महा आरती के साथ महाप्रसादी का वितरण किया गया।
*मंदिर निर्माण एवं शिव दरबार की स्थापना का महत्व*
पंडित विजय कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अब सनातन हिंदुओं को धर्म के प्रति जागृत रहने का समय आ गया है।बड़े पुण्य के बाद मंदिर निर्माण वह भगवान की प्रतिष्ठा का योग बनता है बड़े किस्मत वाले लोग ही इसमें सहभागी बनते हैं।इस शिव दरबार का निर्माण स्थानीय जनसमुदाय के सहयोग और संकल्प से हुआ है, जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र भी बनेगा। यह मंदिर क्षेत्रवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को सनातन परंपराओं से जोड़ने सा सा में सहायक रहेगा।
मंदिर बस बस बस समिति के अनुसार, शिव दरबार न केवल पूजा-अर्चना का स्थल होगा, बल्कि यहाँ नियमित रूप से सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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