Rajendra Devray / Thu, Jun 26, 2025 / Post views : 271




👉 *नालछा मुख्य बाजार में अव्यवस्था का बोलबाला, प्रशासन की अनदेखी से जनजीवन बेहाल*
👉 आबदा प्रबंधन के हाल बेहाल बारिश के पूर्व होना थे आपदा प्रबंधन के कार्य जो नहीं हुए
👉 नतीजा गंदगी कीचड़ का साम्राज्य लोग हो रहे हैं बीमार जनता हो रही परेशान
👉 पंचायत की उदासीनता से गंदगी कीचड़ का साम्राज्य
👉 आंमजनता परेशान कुछतो सुने पंचायत सरकार
👉 जनता के हाल बेहाल
👉 फिसलन कीचड़ से छात्र छात्राएं आमजन परेशान
👉 शिकायतो के बाद भी नही जागा स्थानीय प्रशासन
👉 नालछा गंदगी से स्वास्थ्य पर हो रहा गंभीर असर
👉 गंदगी से बीमार होने के कारण वायरल फीवर के मरीज बड़े
नालछा (धार जिला):
ग्राम पंचायत नालछा में प्रशासनिक लापरवाही और पंचायत की अनदेखी के कारण नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून सत्र के आरंभ के साथ ही ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडव की ओर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में इज़ाफा हुआ है, लेकिन नालछा नगर में प्रवेश करते ही पर्यटक ट्रैफिक जाम, कीचड़ और गंदगी से जूझते नजर आते हैं।
सड़क के दोनों ओर फैली कीचड़ और गंदगी वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। वहीं, सड़क किनारे अवस्थित पार्किंग व्यवस्था के कारण राहगीरों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
*स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त*
नालछा एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां विकासखंड स्तर की कई प्रमुख संस्थाएं स्थित हैं — जैसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील टप्पा, आवासीय विद्यालय आदि। यहां रोज़ाना ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे सामान खरीदने या सेवाएं लेने आते हैं। बाजार की अव्यवस्थित व्यवस्था व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए असुविधाजनक साबित हो रही है।
*पर्यटकों का मजा होता है किरकिरा*
पर्यटन नगरी मांडू में मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं ऐसे में नालछा में प्रवेश करते ही पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है सड़क के दोनों और गंदगी व कीचड़ का कारण वाहन चालक भी परेशान होते हैं जिससे मांडू जाने का मजा पर्यटकों का किरकिरा हो रहा है।
*जनसुविधाओं का अभाव*
पंचायत द्वारा नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। हायर सेकेंडरी स्कूल का मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसके लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, परंतु निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं किया गया है। वर्षा ऋतु में यह मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों को भारी कठिनाई होती है।
*वादों की हकीकत*
पंचायत चुनावों में किए गए बड़े-बड़े वादे खोखले साबित हो रहे हैं। न तो बस स्टैंड पर सुलभ शौचालय की सुविधा है, न ही साफ-सफाई की कोई स्थायी व्यवस्था। इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को अत्यधिक असुविधा हो रही है।
*प्रशासनिक उपेक्षा*
नालछा से होकर प्रतिदिन वीआईपी और जिला अधिकारी मांडव की ओर निकलते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान नालछा की बदहाल मुख्य सड़क और अव्यवस्थाओं की ओर नहीं जा रहा। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है, विशेषकर स्कूली बच्चों के साथ।
*जनता की मांग*
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि नालछा की समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लिया जाए और आवश्यक कार्यवाही की जाए, ताकि ग्रामवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
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