Rajendra Devray / Fri, Jul 11, 2025 / Post views : 280
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सबसे पहले गंगाजल, दूध, इत्र और शहद से भगवान शिव का अभिषेक कर माला फूल से भव्य श्रृंगार किया गया इसके पक्ष टी समस्त मात्र शक्तियों के द्वारा सामूहिक रूप से भगवान शिव की आरती की गई आरती के पश्चात, फल मेवा मीठा मिष्ठान से भोग लगाया, मात्र शक्तियों के द्वारा शिव चर्चा शिव वंदना एवं भजन कीर्तन का सामूहिक आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में मात्र शक्तियां उपस्थित रही भजन आराधना का क्रम दे रात तक चलता रहा,
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