अत्यन्त हर्ष का विषय है कि बडवानी और बावनगजा क्षेत्र के मध्य सतपुड़ा की पहाड़ियों में स्थित पार्श्वगिरी अतिशय क्षेत्र जहां पर *मनोज्ञ मनोकामना पूर्ण* चैतन्य चमत्कारी चतुर्थ कालीन 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा विराजित हैं।
आज से लगभग 24 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र का निर्माण कार्य आचार्य श्री सन्मति सागरजी गुरुदेव के निर्देशन और आशीर्वाद से शुरू हुआ था जिसे एक वर्ष में पूर्ण किया था, इस श्री क्षेत्र के निर्माण के 23 वर्ष पूर्ण होने पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई,, इस वर्ष 2025 में पार्श्व गिरी अतिशय क्षेत्र पर *प्रथम बार चातुर्मास* होने जा रहा है, जिसमें गनाधिपति गणधराचार्य 108 श्री कुंथूसागरजी गुरुदेव की परम प्रभावक शिष्या गणिनी आर्यिका माता *105 क्षमा श्री माताजी* संसंघ 02 पिच्छि का *37 वा* और पार्श्व गिरी क्षेत्र पर *प्रथम बार* चातुर्मास करवाने का मौका मिला।
पार्श्व गिरी अतिशय क्षेत्र की कमेटी जिसमें अध्यक्ष श्री कमल जी गोधा लोहारी,उपाध्यक्ष श्री निलेश जी बड़जात्या कुक्षी, श्री गौरवजी कासलीवाल सिंघाना, श्री हेमंत जी रावका बाकानेर, महामंत्री श्री गौरव जी पहाड़िया, मंत्री श्री सौरभजी काला और कोषाध्यक्ष श्री रूपेशजी जैन एवं समस्त आजीवन सदस्यगण गण इस प्रथम बार चातुर्मास होने से अभिभूत और उत्साहित हैं।
कल पार्श्वगीरी क्षेत्र पर वर्ष 2025 के चातुर्मास कलश की स्थापना भव्यता पूर्वक सानंद सम्पन्न हुई,,,
पार्श्व गिरी क्षेत्र कमेटी ने इस अवसर पर तीन कलश स्थापित किए ,, जिनके नाम रत्नत्रय के सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र है।
*सम्यक दर्शन कलश* विराजमान करने का सौभाग्य भीकनगाँव निवासी श्रीमति चंदा जी अशोक जी झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ।
*सम्यक ज्ञान कलश* विराजमान करने का सौभाग्य लोहारी निवासी श्री कमल जी गोधा को प्राप्त हुआ।
*सम्यक चारित्र कलश* विराजमान करने का सौभाग्य बेड़ियां निवासी श्री पंकज जी जटाले परिवार को प्राप्त हुआ।
क्षेत्र कमेटी ने तीनों पुण्यार्जक परिवार का सम्मान तिलक, माला पहना कर किया गया।
इस अवसर पर बड़वानी नगर में चातुर्मास करने वाली 105 विकूंदन श्री माताजी संसंघv





02 पिच्छि भी इस कार्यकम के लिए पद विहार कर पार्श्व गिरी क्षेत्र पर पहुंची थी।
दोनों संघों की *आहारचर्या* पार्श्व गिरी क्षेत्र पर ही हई।
इस अवसर पर बड़वानी,कुक्षी, पिपलिया,लोहारी, सिंघाना, बाकानेर,राणापुर, लोनारा ,बेड़ियां, भीकनगांव,उज्जैन, पुना, इंदौर सहित अनेक स्थानों से साधर्मी पधारे।
कार्यकम के पश्चात सभी के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन भी रखा गया था।
साथ ही क्षेत्र के आसपास रहने वाले लगभग 80/90 आदिवासी बच्चों को भी भोजन करवाया गया।
उक्त कलश स्थापना कार्यक्रम में सानंद सम्पन्न हुआ और इसमें पधारे सभी अतिथियों का आभार क्षेत्र के महामंत्री श्री गौरव जी पहाड़िया ने माना।