: धार सहायक आयुक्त धार के आदेशों को हवा में उड़ा रहे हैं छात्रावास अधीक्षक किसी भी छात्रावास में रात्रि को विश्राम नहीं करते अधीक्षक यहां तक की चौकीदार भी गायब हो जाता है बच्चे रात्रि में अकेले ही कर रहे हैं विश्राम घटना के लिए कौन होगा जिम्मेदार बताएं सहायक आयुक्त धार
सहायक आयुक्त धार के आदेशों को हवा में उड़ा रहे हैं छात्रावास अधीक्षक किसी भी छात्रावास में रात्रि को विश्राम नहीं करते अधीक्षक यहां तक की चौकीदार भी गायब हो जाता है बच्चे रात्रि में अकेले ही कर रहे हैं विश्राम घटना के लिए कौन होगा जिम्मेदार बताएं सहायक आयुक्त धारधार जिले के खेड़ी बालक आश्रम के नए अधीक्षक अपनी जिम्मेदारी समझने को तैयार नही कर रहे मनमानी,?अधीक्षक जगदीश लापरवाह और गैर जिमेदार अधीक्षक रात्रि में छात्रावास में नहीं रुकते हैं चौकीदार भी रात्रि 10:00 बजे के बाद हो जाते हैं गायब छात्रावास में बच्चे अकेले गुजारते हैं रात बच्चों के साथ यदि कोई घटना दुर्घटना होती तो कौन होगा इसका जवाबदारजिम्मेदार प्रशासन ने अपनी आंखें फेरीकिसी बड़ी घटना के इंतजार में है प्रशासन क्या इसके बाद जागेगा जिला प्रशासन पहले भी छात्रावास में हो चुकी कई घटनाएं नहीं लिया अभी तक जिला प्रशासन ने कोई सबक सहायक आयुक्त धार के आदेश हवा में उड़ा रहे हैं छात्रावास अधीक्षक लगता दुर्घटना घटना के बाद ही जागेंगे सहायक आयुक्त महोदय धारलापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।,विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती सीमा मिश्रामध्यप्रदेश के धार जिले के एक अधीक्षक जो कि अपने अजब गजब कारनामों से ब्लॉक में नही जिले मे लगातार सुर्खियां रहै है,
खेडी बालक आश्रम के हाल ही में नए पदस्थ हुए अधीक्षक अपनी जिम्मेदारी समझने को तैयार नही जनजाति विभाग द्वारा अधीक्षको को अनिवार्य रूप से रात्रि आश्रम व छात्रावास निवासरत रहना है, इसके स्पष्ट विभाग द्वारा निर्देश भी दिए गए हैं,
इसके बाद अधीक्षक द्वारा निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है और लापरवाही की जा रही है गैर जिमेदार होने का अभाव दिखा रहे है
धार जिले के तिरला विकासखंड ग्राम खेड़ी के बालक आश्रम मै अधीक्षक जगदीश को विभाग के निर्देश दिए जाने के बाद भी अधीक्षक जगदीश द्वारा पालन नहीं किया जा रहा खेडी बालक आश्रम के नए अधीक्षक जगदीश रात्रि में आश्रम में निवासरत नहीं रहते और रात्रि कालीन चौकीदार भी रात्रि में बच्चों को अकेला छोड़कर अपने घर चले जाते हैं दिनांक 5/07/25 को रात्रि में बालक आश्रम खेड़ी मे कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं था यहां तक कि रात्री का चौकीदार भी घर चला गया है और लगभग 23 बच्चे रात्रि में आश्रम में अकेले ही छोड दिए और वहां कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था और जिस कमरे में बच्चे मोजुद थे वह वह कमरा पुरी तरह से धुवा धुवा रहा था बच्चों से धुवा के बारे में पूछा तो बच्चों ने जवाब दिया कि यह मच्छर काटते है। ईश लिए किया गया धुवा वही बच्चों ने बताया कि सर आज नहीं आए हे और चोकीदार भाया थोड़ी देर पहले गएहैं।लगभग 1.30 घंटे तक आश्रम के बाहर अधीक्षक व चौकीदार का इंतजार किया गया की हो सकता है किसी काम से गए हैं और जल्द ही आ जाएंगे लेकिन आश्रम में कोई नहीं आया रात्रि में अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास भी किया गया लेकिन आश्रम के बाहर का नंबर नहीं लिखे हुए कारण अधीक्षक से संपर्क नहीं हो पाया बालक आश्रम खेडी के अधीक्षक जगदीश का यह गैर जिम्मेदाराना रवैया बच्चों के साथ बड़ा हादसा करा सकता है जिसका उदाहरण कुछ ही समय पहले धार जिले के सरदारपुर ब्लॉक में देखा गया सरदारपुर ब्लॉक के रिंगनोद में बालक छात्रावास के अधीक्षक की लापरवाही ने दो बच्चों की जान ली थीं क्या बालक आश्रम खेड़ी के अधीक्षक उसी घटना को किया दोबारा दोहराना चाहते हैंविकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती सीमा मिश्रा का कहना मैं इसकी जांच करवाती हूॅं, अधीक्षक को अनिवार्य रूप से रात्रि निवासरत रहना है, इसके स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, इसके बाद भी निर्देश का पालन नहीं किया गया है तो ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।खबर प्रकासित होने के बाद जिम्मेदार क्या कारवाही करते है या हर बार की तरह खानापूर्ति वाली कारवाही