*बदनावर में रविवार को धुमधाम से निकली भव्य चुनरी कलश यात्रा*
*50 से अधिक मंचो से हुआ यात्रा का स्वागत*
*चुनरी कलश यात्रा में विधायक भँवरसिंह शेखावत भी हुए शामिल*
*धार,(कुसुमलता सूर्यवंशी)।* बदनावर में शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन 6 अक्टूबर 2024 रविवार को धूमधाम से विशाल चुनरी कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा की तैयारियां कई दिनों से चल रही थी। इसका आयोजन जयदीपसिंह पंवार जिम्मी बना मित्र मंडल ने किया। यात्रा के कारण पूरा शहर भगवामयी रहा। यात्रा सुबह साढ़े 11 बजे श्री बैजनाथ महादेव मंदिर से शुरू हुई। यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई दोपहर करीब साढ़े 3 बजे भुवानीखेड़ा रोड़ पर स्थित प्राचीन देवी एकवीरा मंदिर पहुंची। जहां मां एकवीरा को 555 फीट लंबी चुनरी ओढ़ाई गई।
*यात्रा में अघोरी दल एवं आदिवासी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा*
यात्रा में सबसे आगे तोप,उसके बाद आदिवासी नृत्य दल की प्रस्तुति व पांच घोड़ी पर विभिन्न रूपो में युवतियां सवार थी। फिर दत्त रथ व रथ के पीछे डीजे पर श्रद्धालु थिरकते हुए चल रहे थे। डीजे के बाद गरबा ग्रुप के सदस्य गरबा खेलते हुए नजर आए। यात्रा में इस बार नगर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक श्री बैजनाथ महादेव मंदिर और एकवीरा देवी मंदिर के स्वरूप में आकर्षक झांकी भी रही। जिसमें बैजनाथ मंदिर से एकवीरा मंदिर तक माता को चुनरी ओढ़ाते हुए दिखाया गया। इसके पीछे खरगोन का डीजे था। चुनरी कलश यात्रा में बड़ा ट्राला भी शामिल हुआ। जिसमें देवी नवदुर्गा के 9 रूपों का दर्शन कराया गया। दो पेपर शॉट्स मशीन से पन्नी की वर्षा की गई। इसके पीछे 20 ढोल थे। उसके बाद 555 फीट लंबी चुनरी के साथ महिलाएं चल रही थी। इनके पीछे भी एक और डीजे था। यात्रा में अघोरी टीम ने प्रदर्शन किया। जिसमें अघोरियों की टोली शिवगण के साथ भूत और बेताल बनकर निकली। बैंड और ढोल भी आकर्षक रहा। अंत में माता का सुसज्जित रथ था। चुनरी यात्रा के स्वागत के लिए नगर में 6 से अधिक सभा मंडप बनाए गए थे। इसके अलावा स्वागत द्वार लगाए गए थे। रास्ते मे 50 से अधिक मंचों से विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने पुष्प वर्षा की गई व यात्रा संयोजक जयदीपसिंह पंवार जिम्मी बना का साफा बांधकर स्वागत किया। बस स्टैंड पर क्रेन मशीन से गुब्बारे व आंबेडकर चौराहे पर जेसीबी मशीन से पुष्पवर्षा की गई। यात्रा बैजनाथ महादेव मंदिर से शुरू होकर बस स्टैंड,अंबेडकर चौराहा,सोमेश्वर चौराहा,जवाहर मार्ग, सभामंच,भेरू उखलिया,शीतला माता बस स्टैंड होते हुए एकवीरा मंदिर पहुंची। जहां देवी को चुनरी ओढ़ाई गई। आयोजन का यह तीसरा साल था। यात्रा को लेकर सुबह से ही पूरे नगर में धार्मिक उत्साह देखा गया। यात्रा समापन पश्चात एकवीरा देवी की महाआरती की गई व प्रसादी का वितरण किया गया। अंत मे यात्रा संयोजक जयदीपसिंह पंवार जिम्मी बना ने श्रदालुओ का आभार माना।