Rajendra Devray / Tue, Sep 15, 2026 / Post views : 164
मेणीमाता में 21वीं रात्रि चौपाल : आधुनिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, कस्तूरी कॉटन पर ₹500 प्रोत्साहन और प्राकृतिक खेती पर ₹4 हजार प्रति एकड़
बड़वानी। बड़वानी विकासखंड के ग्राम मेणीमाता में 21वीं ‘रात्रि चौपाल’ का आयोजन किया गया। चौपाल में ग्रामीणों को कृषि की आधुनिक तकनीकों, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती, स्वामित्व योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत सिंह पटेल ने कहा कि भविष्य की पीढ़ी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करना है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक रूप से आगे बढ़ने और अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया।
कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि बदलती तकनीक के दौर में कृषि को लाभ का जरिया बनाने के लिए किसानों का आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़ना समय की मांग है। पारंपरिक खेती के साथ नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और कम लागत किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कस्तूरी कॉटन मिशन और HDPS तकनीक पर जोर
कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा इस वर्ष को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। जिले में कपास के बड़े रकबे को देखते हुए हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS) तथा लंबे रेशे वाले कपास की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे प्रति एकड़ उत्पादन एवं कपास की गुणवत्ता में सुधार का लक्ष्य है।
उन्होंने ‘कस्तूरी कॉटन भारत मिशन’ की जानकारी देते हुए बताया कि गुणवत्तापूर्ण कपास की प्रति बेल ₹500 तक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मिशन के माध्यम से भारतीय कपास की विश्वस्तरीय ब्रांडिंग, जिनिंग प्रक्रिया में सुधार, स्वच्छता एवं पारदर्शी प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को ₹4,000 प्रति एकड़ प्रतिवर्ष, दो वर्षों तक वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाने की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती के पंजीयन एवं प्रमाणीकरण की प्रक्रिया भी समझाई गई।
डेयरी, पशुपालन और आजीविका के अवसरों की दी जानकारी
पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के अधिकारियों ने किसानों को मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना एवं आचार्य विद्यासागर योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। ग्रामीणों को कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसरों के बारे में बताया गया। एनआरएलएम के माध्यम से मुर्गीपालन कर रहे हितग्राही ने अपना सफल अनुभव भी साझा किया।
स्वामित्व योजना से संपत्ति का निःशुल्क पंजीयन
चौपाल में ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन 2026’ की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पात्र ग्रामीण नागरिकों के स्वामित्व अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का विधिसम्मत पंजीयन विलेख प्राप्त होने के साथ बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं से ऋण और वित्तीय सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
इसके अलावा ग्रामीणों को सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम, गर्भवती महिलाओं का समय पर एएनसी पंजीयन, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) ट्रैकिंग तथा टीबी उन्मूलन सहित स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी दी गई।
चौपाल के अंत में ग्रामीणों ने गांव से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई एवं निराकरण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अर्पित गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर रवि वर्मा, उप संचालक कृषि, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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