Rajendra Devray / Wed, Jul 9, 2025 / Post views : 265

है
ऐसी मान्यता है कि देवताओं ने जब नर्मदा परिक्रमा की थी तब इस पवित्र मंदिर से परिक्रमा प्रारंभ करते थे इस कारण इस पवित्र मंदिर का नाम देवपथ महादेव मंदिर है
सरदार सरोवर बांध बनने के बाद यह मंदिर बैक वॉटर के तीन चार माह के लिए डूब जाता है इस कारण श्रद्धालुओं को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है
नर्मदा जी के अनुयाई को परम भक्त श्रदेय विवेक जी जब परिक्रमा पर आए थे तब ग्राम बोध वाड़ा के युवाओं वरिष्ठ जनों से संवाद किया और ग्रामीणों ने मैया के किनारे घाट घाट बनाने का संकल्प लिया घाट निर्माण के महत्वपूर्ण कड़ी में धार महू क्षेत्र के पूर्व सांसद माननीय छतर सिंह जी दरबार के द्वारा 20,0000 रुपए की अपने निधि से राशि स्वीकृत की इसके बाद ग्रामीणों में उत्साह आया और गांव के वरिष्ठ गज्जू यादव वह गोपी लाल जी यादव के मार्गदर्शन में गांव में एक संचालक समिति गठित की इस समिति के युवाओं के द्वारा आसपास के 12 से 15 गांव में घूम कर जन सहयोग से राशि का संग्रह किया गया
इसके अलावा बड़वानी व आसपास के ग्रामीणों ने भी घाट निर्माण के लिए जन सेवा किया गया इससे युवाओं में उत्साह का संचार हुआ और घाट निर्माण का कार्य प्रारंभ किया बारिश के मौसम को देखते हुए ग्रामीणों के अलावा आसपास के नर्मदा जी के भक्तों के द्वारा भी दिन रात श्रमदान किया गया और मात्र 15 दिवस में घाट का निर्माण कर दिया गया
बारिश के समय में मंदिर में पहुंचने के लिए रोड की समस्या थी इसके लिए ग्रामीण व नर्मदा जी के भक्तों के द्वारा नए रोड का कार्य प्रगति पर है
इस घाट के निर्माण से बैक वाटर के कारण महादेव मंदिर में जो कटाव होता था था वह काटाव होना अब बंद हो
जाएगा
परम श्रद्धेय विवेक जी व कष्टभंजन धाम के श्री स्वामी शांति प्रिया दास जी महाराज के मार्गदर्शन में ग्रामीण व क्षेत्र के नर्मदा जी के भक्तों के द्वारा मंदिर परिषद में विकास कार्यों की रूपरेखा बनाई जाएगी
इस पल में गांव के देवेंद्र जी यादव गोपी लाल जी यादव संतोष जी यादव मुकेश जी पाटीदार हरिराम जी यादव कमल जी यादव राकेश जी यादव गणेश जी यादव प्रदीप जी शर्मा अशोक यादव अमित जी यादव समस्थ ग्रामीण व क्षेत्र के सभी नर्मदा जी के भक्तों का सराहनीय सहयोग रहा
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